Geeta with Dheeraj धर्मक्षेत्रो, कुरुक्षेत्रो, समवेताः, युयुत्सवः, मामकाः, पाण्डवाः, च, एव, किम्, अकुर्वत, सज्य।।1।। अनुवाद : (सज्य) हे संजय! (धर्मक्षेत्रो) धर्मभूमि (कुरुक्षेत्रो) कुरुक्षेत्रमें (समवेताः) एकत्रित (युयुत्सवः) युद्धकी इच्छावाले (मामकाः) मेरे (च) और (एव) यहाँ (पाण्डवाः) पाण्डुके पुत्रोंने (किम्) क्या (अकुर्वत) किया? हिन्दी: हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में एकत्रित युद्धकी इच्छावाले मेरे और यहाँ पाण्डुके पुत्रों ने क्या किया? अध्याय 1का श्लोक 2 (सज्य उवाच) दृष्टा तु, पाण्डवानीकम्, व्यूढम्, दुर्योधनः, तदा, आचार्यम्, उपसग्म्य, राजा, वचनम्, अब्रवीत्।।2।। अनुवाद : (तदा) उस समय (राजा) राजा (दुर्योधनः) दुर्योंधनने (व्यूढम्) व्यूहरचनायुक्त (पाण्डवानीकम्) पाण्डवोंकी सेनाको (दृष्टा) देखकर (तु) और (आचार्यम्) द्रोणाचार्यके (उपसग्म्य) पास जाकर यह (वचनम्) वचन (अब्रवीत्) कहा। हिन्दी: उस समय राजा दुर्योंधन ने व्यूह रचनायुक्त पाण्डवों की सेनाको देखकर और द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन कहा। अध्याय1 का श्लोक 3 पश्य, एताम्, पाण्डुपुत्राणाम्, आच...
धृतराष्ट्र उवाच धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय।।1.1।। dhṛitarāśhtra uvācha dharma-kṣhetre kuru-kṣhetre samavetā yuyutsavaḥ māmakāḥ pāṇḍavāśhchaiva kimakurvata sañjaya dhṛitarāśhtraḥ uvācha—Dhritarashtra said; dharma-kṣhetre—the land of dharma; kuru-kṣhetre—at Kurukshetra; samavetāḥ—having gathered; yuyutsavaḥ—desiring to fight; māmakāḥ—my sons; pāṇḍavāḥ—the sons of Pandu; cha—and; eva—certainly; kim—what; akurvata—did they do; sañjaya—Sanjay English Dhritarashtra said, "What did my people and the sons of Pandu do when they had assembled together, eager for battle, on the holy plain of Kurukshetra, O Sanjaya? Hindi धृतराष्ट्र ने कहा, "हे संजय, जब मेरे लोग और पांडवों के पुत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर युद्ध के लिए एकत्रित हुए, तो उन्होंने क्या किया?" French Dhritarashtra a dit : « Ô Sanjaya, que firent mes gens et les fils de Pandu lorsqu'ils se rassemblèrent pour la bataille sur le terrain sacré ...